Tuesday, 13 November 2012

मेरी मायादार


मेरी मायादार

कख होली मेरी मायादार कख तेरी माया स्वाणी
सर्र रर  सौण को बथों , अर जनो ठंडो पाणी
सड्कियो का मोड़  देखी
गद्नियों का छोड़ देखी
घनघोर जंगलु माँ
ऊँचा ऊँचा पौड देखी
आँखी देखदी रेगे अर कंडुडी रै बयाणी
कख होली मेरी मायादार तेरी माया स्वाणी
फूलों माँ जन बुरांस
पुन्ग्डियो माँ हरो घास
अर जानो ऊँचो आकाश
जेठ को  तैल्लो घाम
सौण को बाथूवाणी......
मेरी मायादार  तेरी माया  कनी स्वाणी 
 नजर सी भी नी दिखेंदी
कन्दोडीयो भी नी सुनेंदी
हांथू से भी नी छुयेंदी
कनके वा धावो लगान्दी
युग बीती गेइना पर
कैन नी पछाणी..........  मेरी मायादार  तेरी माया  कनी स्वाणी
सर्र रर  बथों जानो  जानो ठंडो पाणी

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